Google Update – Google आपको बताएगा कि कौन सा ऐप ज्यादा बैटरी खाता हैं, आइए जानें
- byJitendra
- 10 Mar, 2026
दोस्तो अगर आप एक एंड्रॉयड यूजर हैं तो आपके लिए खुशखबरी हैं, गूगल जल्द ही एक बड़ा बदलाव लागू करने जा रहा है। कई बार स्मार्टफोन की बैटरी जल्दी खत्म होने की वजह से कुछ ऐसे ऐप्स होते हैं जो बैकग्राउंड में लगातार CPU का इस्तेमाल करते रहते हैं। यूज़र्स की सुविधा और बेहतर बैटरी मैनेजमेंट के लिए गूगल अब ऐसे ऐप्स के खिलाफ सख्त कदम उठा रहा है। गूगल प्ले स्टोर पर अब उन ऐप्स को वॉर्निंग लेबल (वॉर्निंग लेबल) के साथ दिखाया जाएगा जो ज़रूरत से ज़्यादा बैटरी खर्च करते हैं, आइए जानते है इसके बारे में पूरी डिटेल्स

प्ले स्टोर पर वॉर्निंग लेबल दिखाई देगा
एक ब्लॉग पोस्ट में गूगल ने बताया कि गूगल प्ले स्टोर में “वेक लॉक टेक्निकल क्वालिटी ट्रीटमेंट” लागू किया जा रहा है। यह प्रोसेस 1 मार्च से शुरू हो चुकी है।
ज़्यादा बैटरी खपत करने वाले ऐप्स पर कार्रवाई
जिन ऐप्स में बार-बार पार्शियल वेक लॉक का ज़्यादा इस्तेमाल पाया जाएगा, उन्हें प्ले स्टोर पर वॉर्निंग के साथ दिखाया जाएगा।
ऐसे ऐप्स को प्ले स्टोर की रिकमेंडेशन और डिस्कवरी सरफेस जैसी सुविधाओं से भी हटा दिया जाएगा।
इसका मकसद डेवलपर्स को बेहतर और बैटरी-फ्रेंडली ऐप बनाने के लिए मोटिवेट करना है।
Partial Wake Lock क्या है?
Partial Wake Lock एक ऐसा सिस्टम मैकेनिज्म है जो ऐप्स को फोन की स्क्रीन बंद होने के बाद भी CPU को एक्टिव रखने की परमिशन देता है। यह फीचर कुछ जरूरी कामों के लिए बनाया गया है, लेकिन कई ऐप्स इसका गलत इस्तेमाल करते हैं, जिससे फोन की बैटरी तेजी से खत्म होने लगती है।

ऐप “बैड बिहेवियर” में कब माना जाएगा?
Google के अनुसार, अगर कोई ऐप पिछले 28 दिनों में:
5% से ज्यादा यूजर्स सेशन में
स्क्रीन बंद होने के बाद
औसतन 2 घंटे या उससे ज्यादा समय तक Partial Wake Lock एक्टिव रखता है,
तो उसे बैड बिहेवियर (Bad Behavior Threshold) में माना जाएगा और Play Store पर उसके लिए वॉर्निंग दिखाई देगी।
यूजर्स को क्या फायदा होगा?
बैटरी ज़्यादा खपत करने वाले ऐप्स की पहचान करना आसान होगा
फोन की बैटरी लाइफ बेहतर होगी
डेवलपर्स को ज़्यादा ऑप्टिमाइज़्ड ऐप बनाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा
इस नए कदम से उम्मीद है कि एंड्रॉयड यूज़र्स को बेहतर बैटरी मिलेगी और प्ले स्टोर पर उपलब्ध ऐप्स की क्वालिटी भी पहले से ज़्यादा बेहतर होगी।





