FASTag QR Code Scam Alert 2026: अनजान QR कोड स्कैन करते ही खाली हो सकता है आपका बैंक खाता

देशभर में FASTag यूजर्स को एक नए साइबर फ्रॉड से सतर्क रहने की जरूरत है। ठग अब QR कोड और फर्जी मैसेज के जरिए लोगों के बैंक खाते और FASTag वॉलेट को निशाना बना रहे हैं। हाईवे पर सफर करने वाले वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है, क्योंकि एक गलत स्कैन से कुछ ही मिनटों में बड़ी रकम चोरी हो सकती है।

कैसे काम करता है FASTag QR कोड स्कैम

कई लोगों को यात्रा के दौरान एक मैसेज मिलता है जिसमें लिखा होता है कि उनका FASTag बैलेंस खत्म होने वाला है और तुरंत रिचार्ज नहीं करने पर टैग ब्लॉक हो सकता है। इस मैसेज में एक QR कोड या लिंक दिया जाता है जिसे स्कैन या क्लिक करने के लिए कहा जाता है।

जैसे ही यूजर उस QR कोड को स्कैन करता है, वह एक फर्जी वेबसाइट पर पहुंच जाता है जो असली FASTag पोर्टल जैसी दिखती है। वहां वाहन नंबर, FASTag ID, बैंक डिटेल्स और OTP मांगा जाता है। यह जानकारी देने के बाद ठग बैंक खाते या वॉलेट से पैसे निकाल लेते हैं।

इस तरह की ठगी में अपराधी सरकारी संस्थाओं के नाम और लोगो का इस्तेमाल करके लोगों का भरोसा जीतने की कोशिश करते हैं।

टोल प्लाजा के पास लगाए जा रहे फर्जी QR कोड

अब ठग सिर्फ मैसेज ही नहीं भेज रहे, बल्कि टोल प्लाजा के आसपास फर्जी QR कोड भी लगा रहे हैं। ये कोड असली निर्देशों जैसे दिखते हैं, जिससे लोग बिना जांच किए इन्हें स्कैन कर लेते हैं।

FASTag के व्यापक उपयोग के कारण यह ठगी तेजी से फैल रही है और लाखों वाहन मालिक इसके जोखिम में हैं।

फर्जी FASTag वेबसाइट और लिंक की पहचान कैसे करें

किसी भी लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी जांच करना बेहद जरूरी है। असली FASTag सेवाएं केवल अधिकृत बैंक ऐप या आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध होती हैं।

फर्जी वेबसाइट अक्सर असली वेबसाइट जैसे दिखने वाले नामों का इस्तेमाल करती हैं, लेकिन उनमें छोटे बदलाव होते हैं। हमेशा वेबसाइट का URL ध्यान से जांचें।

ध्यान रखें कि कोई भी बैंक या आधिकारिक संस्था कभी भी SMS, WhatsApp या कॉल के जरिए OTP, PIN या बैंक डिटेल्स नहीं मांगती।

FASTag फ्रॉड से बचने के जरूरी उपाय

केवल आधिकारिक ऐप और पोर्टल का उपयोग करें: FASTag रिचार्ज के लिए हमेशा अधिकृत बैंक या आधिकारिक प्लेटफॉर्म का ही उपयोग करें।

OTP और निजी जानकारी साझा न करें: OTP, PIN या बैंक जानकारी किसी के साथ साझा करना खतरनाक हो सकता है।

असली कस्टमर केयर नंबर का ही उपयोग करें: हमेशा आधिकारिक वेबसाइट से ही संपर्क नंबर प्राप्त करें।

SMS और बैंक अलर्ट चालू रखें: इससे आपको तुरंत किसी भी संदिग्ध ट्रांजेक्शन की जानकारी मिल जाएगी।

ठगी का शिकार होने पर तुरंत क्या करें

अगर आपके साथ ऐसी ठगी हो जाती है, तो तुरंत अपने बैंक से संपर्क करें और खाते या FASTag को ब्लॉक करवाएं। साथ ही साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें और नजदीकी पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट करें।

सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव

FASTag स्कैम से बचने के लिए सबसे जरूरी है सतर्क रहना। बिना जांचे किसी QR कोड को स्कैन न करें और किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें।

आपकी जागरूकता और सतर्कता ही आपके पैसे और व्यक्तिगत जानकारी को सुरक्षित रख सकती है।